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पेपर लीक पर पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट, पेपर लीक दोषियों को नहीं बख्शेंगे: पीएम मोदी

पीएम मोदी बोले- पेपर लीक के दोषियों के लिए बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट

जंतर-मंतर पर छात्रों और पुलिस में हिंसक झड़प, आंसू गैस के गोले दागे गए

सुरक्षा के चलते दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन बंद, हाईकोर्ट ने CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के दिए निर्देश


नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी राजनीतिक और छात्र आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

उधर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के दौरान बुधवार रात छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई। पुलिस के अनुसार कुछ प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की, जिसमें एसीपी कनॉट प्लेस विवेक भगत घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया। यह झड़प करीब 10 से 15 मिनट तक चली।

प्रदर्शन के चलते राजीव चौक, पटेल चौक, जनपथ सहित दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन गुरुवार सुबह सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए थे। बाद में शाम तक सभी स्टेशनों पर सेवाएं बहाल कर दी गईं।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पिछले कई दिनों से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। इससे पहले 21 जुलाई को राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर भी धरना दिया था।

इस बीच दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान RAF जवान पर हमले और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में FIR दर्ज की है। वायरल वीडियो के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

वहीं दिल्ली हाईकोर्ट में छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि घटना से जुड़े सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखे जाएं, ताकि जांच में किसी प्रकार की बाधा न आए।

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल से CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियां दिल्ली भेजने का फैसला किया है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर करीब 2,000 जवानों को एयरलिफ्ट कर राजधानी में तैनात किया गया है।